Monday, 3 September 2018

कहाँ अलग कर पाता है 199√

कहाँ अलग कर पाता है
पानी को बादल
अलग-अलग जगह बरस,
पहाड़ों नदियों नालाओं में बह
मिल ही जाते हैं
समंदर पहुँच कर।

पर मनुष्य
न जाने क्यों
पसंद करते हैं दूरियाँ
झगड़ते
समध्रुवीय चुम्बक-मुखों से।

शायद,
असंख्य आविष्कारों के
धनी प्रतिभाओं ने
स्वयं की अग्नि में जलते हुए
दूसरों में उभरे
अपनी ही छवियों को
जला दिया है
भस्मासुर के रुप में
नवअवतरित होते हुए।

मुन्ना। 8799494063
4/9/2018

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